पश्चिम बंगाल में SIR की शुरुआत: मतदाता सूची में बड़े बदलावों का दौर शुरू, विवादों ने बढ़ाई टेंशन

Start of SIR in West Bengal: Major changes begin in the voter list, controversy and tension on the rise

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की ओर से Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया की शुरुआत से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कल से शुरू हो रही इस SIR के तहत लाखों मतदाताओं की सूची की जांच होगी, लेकिन विपक्षी दलों के आरोपों ने इसे ‘चुपके से धांधली’ का हथियार बता दिया है। क्या यह SIR लोकतंत्र को मजबूत करेगी या फिर राजनीतिक खेल का शिकार बनेगी? आइए जानते हैं SIR के हर पहलू को विस्तार से।

Special Intensive Revision क्या है और क्यों जरूरी?

Special Intensive Revision (SIR) चुनाव आयोग ऑफ इंडिया (ECI) द्वारा चलाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट और सटीक बनाना है। पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह दूसरा चरण 28 अक्टूबर 2025 से शुरू हो चुका है। पहले चरण में बिहार में 68 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे, जो SIR की गंभीरता को दर्शाता है। पश्चिम बंगाल में यह प्रक्रिया 51 करोड़ मतदाताओं को कवर करेगी, जिसमें घर-घर जाकर सत्यापन होगा।

SIR का मुख्य फोकस फर्जी या पुरानी एंट्रीज को हटाना है, ताकि 2026 के विधानसभा चुनाव निष्पक्ष हों। चुनाव आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करेगी। लेकिन पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर सियासी दलों के बीच तनाव चरम पर है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) इसे भाजपा का ‘साइलेंट इनविजिबल रिगिंग’ (SIR) करार दे रही है, जबकि भाजपा इसे पारदर्शी कदम बता रही है।

Special Intensive Revision की समयसीमा और प्रक्रिया

Special Intensive Revision का घर-घर सर्वेक्षण 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इसके बाद 9 दिसंबर को ड्राफ्ट सूची जारी होगी, जिसमें दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) इस प्रक्रिया के केंद्र में होंगे, जो घर जाकर दस्तावेजों की जांच करेंगे। हालांकि, सर्वेक्षण के दौरान कोई दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं है, लेकिन ड्राफ्ट सूची के समय यह अनिवार्य होगा।

पश्चिम बंगाल में SIR के तहत BLOs की ट्रेनिंग चल रही है, लेकिन कोलकाता और दुर्गापुर जैसे जिलों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सरकारी कर्मचारी, खासकर महिला शिक्षक, लंबे ड्यूटी घंटों और सुरक्षा की कमी के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है, इसलिए केंद्रीय सुरक्षा नहीं दी जा सकती।

वैध दस्तावेज: Special Intensive Revision के लिए क्या चाहिए?

Special Intensive Revision में नाम जोड़ने या हटाने के लिए ECI ने 12 वैध दस्तावेजों की सूची जारी की है। इनमें पासपोर्ट, आधार कार्ड (ECI के दिशानिर्देशों के अनुसार), जन्म प्रमाण पत्र, मैट्रिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (OBC/ST/SC), स्थायी निवासी प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, भूमि आवंटन प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं। पेंशन भुगतान आदेश या सरकारी आईडी कार्ड भी मान्य होंगे। CEO वेस्ट बंगाल की वेबसाइट अब नए डोमेन पर शिफ्ट हो गई है, जहां मतदाता अपनी SIR स्थिति चेक कर सकते हैं।

SIR से जुड़े विवाद: राजनीतिक तूफान

पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर TMC ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी का दावा है कि उत्तर 24 परगना, नादिया और कूच बिहार में हजारों वैध मतदाताओं के नाम गायब हैं। सीएम ममता बनर्जी कल कोलकाता में विरोध मार्च का नेतृत्व करेंगी, और यदि एक भी वैध वोटर का नाम हटाया गया तो दिल्ली में ECI कार्यालय के बाहर एक लाख लोगों का प्रदर्शन होगा। TMC ने इसे भाजपा का 2026 चुनावी षड्यंत्र बताया है, जो अल्पसंख्यकों, मटुआ समुदाय और गरीब वोटरों को निशाना बना रहा है।

वहीं, भाजपा 50,000 से अधिक बूथ-लेवल एजेंट्स तैनात कर SIR की निगरानी करेगी। पार्टी नेता इसे TMC की हार का डर बता रहे हैं। मटुआ बेल्ट में SIR से पैनिक फैल गया है, जहां 40 से अधिक विधानसभा सीटें प्रभावित हैं। मटुआ समुदाय को नागरिकता और पहचान के डर से जूझना पड़ रहा है। कुछ मामलों में नाम हटने के डर से मौतें तक हो चुकी हैं।

चुनाव आयोग ने Special Intensive Revision शुरू होने से पहले राज्य से अपील की है कि BLOs को सुरक्षित माहौल मिले। TMC ने जिला स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं, जहां मतदाता दावे दर्ज करा सकेंगे।

Special Intensive Revision का व्यापक प्रभाव

Special Intensive Revision न केवल मतदाता सूची को साफ करेगी, बल्कि लोकतंत्र की नींव मजबूत करेगी। लेकिन पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य में यह प्रक्रिया चुनौतियों से घिरी है। यदि SIR निष्पक्ष रही, तो 2026 चुनाव अधिक विश्वसनीय होंगे। वरना, यह और विवादों को जन्म देगी। अधिक जानकारी के लिए चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। हमारे साइट पर  न्यूज सेक्शन  में अन्य खबरें के बारे में पढ़ें।

FAQ

1. SIR क्या है?
Special Intensive Revision यानी विशेष गहन संशोधन, मतदाता सूची को अपडेट करने की ECI की प्रक्रिया है।

2. पश्चिम बंगाल में SIR कब शुरू हो रही है?
घर-घर सर्वेक्षण 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा।

3. SIR के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
पासपोर्ट, आधार, जन्म प्रमाण पत्र आदि 12 दस्तावेज मान्य हैं।

4. यदि मेरा नाम SIR में गायब हो गया तो क्या करूं?
नजदीकी हेल्प डेस्क या CEO वेबसाइट पर दावा दर्ज करें।

5. SIR से राजनीतिक लाभ किसे मिलेगा?
यह निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेगी, लेकिन दलों के आरोप विवाद पैदा कर रहे हैं।

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