आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें Kidney Damage एक ऐसी स्थिति है जो चुपके से शरीर को नुकसान पहुंचाती है और अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो जानलेवा साबित हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, गैर-संचारी रोगों (NCDs) से 2021 में 4.3 करोड़ लोगों की मौत हुई, जिसमें डायबिटीज से जुड़े Kidney Damage के मामले भी शामिल हैं। वैश्विक स्तर पर 80 करोड़ से ज्यादा लोग क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) से प्रभावित हैं, और भारत में इसकी दर प्रति 10 लाख लोगों में 800 है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि सही जानकारी और जीवनशैली में बदलाव से Kidney Damage को रोका जा सकता है। इस लेख में हम Kidney Damage के कारणों, लक्षणों, रोकथाम, समाधानों और जीवनशैली पर चर्चा करेंगे।
Kidney Damage के कारण
Kidney Damage अक्सर लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों से होता है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, मुख्य कारणों में टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर शामिल हैं। ये दोनों किडनी की फिल्टरिंग यूनिट्स को नुकसान पहुंचाते हैं। अन्य कारणों में ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (किडनी की फिल्टरिंग यूनिट्स में सूजन), इंटरस्टिशियल नेफ्राइटिस (किडनी के ट्यूब्स में सूजन), पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (वंशानुगत), यूरिनरी ट्रैक्ट में रुकावट (जैसे किडनी स्टोन या बढ़ी हुई प्रोस्टेट), और बार-बार होने वाले किडनी इंफेक्शन शामिल हैं। भारत में, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित लोगों में Kidney Damage का खतरा 30-50% तक बढ़ जाता है। इसके अलावा, स्मोकिंग, मोटापा और कुछ दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल भी जोखिम बढ़ाता है।
Kidney Damage के लक्षण

शुरुआती चरणों में Kidney Damage के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, क्योंकि किडनी खोई हुई क्षमता की भरपाई कर लेती हैं। लेकिन जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ती है, लक्षण उभरने लगते हैं। मेयो क्लिनिक के विशेषज्ञों के मुताबिक, आम लक्षणों में मतली, उल्टी, भूख न लगना, थकान, नींद की समस्या, पेशाब की मात्रा में बदलाव, मानसिक एकाग्रता में कमी, मांसपेशियों में ऐंठन, पैरों और टखनों में सूजन, त्वचा का सूखना और खुजली, कंट्रोल न होने वाला हाई ब्लड प्रेशर, सांस फूलना और सीने में दर्द शामिल हैं। ये लक्षण अन्य बीमारियों से भी जुड़े हो सकते हैं, इसलिए अगर ये दिखें तो डॉक्टर से जांच करवाएं। अमेरिका में 7 में से 1 वयस्क Kidney Damage से प्रभावित है, लेकिन ज्यादातर को पता ही नहीं चलता। भारत में भी, स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि अंतिम चरण (ESRD) की घटनाएं प्रति 10 लाख में 150-200 हैं।
Kidney Damage की रोकथाम
Kidney Damage को रोकना संभव है अगर जोखिम कारकों पर नियंत्रण रखा जाए। NIDDK की सिफारिशों के अनुसार, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें। ब्लड प्रेशर का लक्ष्य 140/90 mm Hg से नीचे रखें। ओवर-द-काउंटर दवाओं जैसे इबुप्रोफेन का ज्यादा इस्तेमाल न करें, क्योंकि ये किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। नियमित जांच करवाएं, जैसे ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट (GFR) और यूरिन एल्ब्यूमिन टेस्ट। यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का तुरंत इलाज करवाएं। WHO के अनुसार, टोबैको का इस्तेमाल, अस्वास्थ्यकर आहार, शराब और शारीरिक निष्क्रियता जैसे व्यवहारिक जोखिम कारकों को कम करके NCDs और Kidney Damage को रोका जा सकता है।
Kidney Damage के समाधान
एक बार Kidney Damage हो जाने पर, मौजूदा नुकसान को उलटा नहीं किया जा सकता, लेकिन प्रगति को धीमा किया जा सकता है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, इलाज में अंतर्निहित कारण को कंट्रोल करना शामिल है, जैसे ब्लड प्रेशर और शुगर की दवाएं। सूजन कम करने के लिए डाइयूरेटिक्स, एनीमिया के लिए सप्लीमेंट्स, कोलेस्ट्रॉल के लिए स्टेटिन्स और हड्डियों की सुरक्षा के लिए दवाएं दी जाती हैं। उन्नत चरणों में डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट जरूरी होता है। अमेरिका में डायलिसिस पर 26 लाख से ज्यादा लोग हैं, और वैश्विक जरूरत 2030 तक दोगुनी होने की उम्मीद है। भारत में, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन (HTAIn) की रिपोर्ट्स से पता चलता है कि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल से शुरुआती पता लगाकर महंगे इलाज से बचा जा सकता है।
Kidney Damage के लिए जीवनशैली
स्वस्थ जीवनशैली किडनी डैमेज को रोकने और प्रबंधित करने में महत्वपूर्ण है। NIDDK की सलाह है कि ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले डेयरी उत्पाद चुनें। सोडियम 2,300 mg से कम रखें और चीनी 10% कैलोरी से कम। सप्ताह में ज्यादातर दिनों 30 मिनट व्यायाम करें। स्वस्थ वजन बनाए रखें, 7-8 घंटे सोएं, स्मोकिंग छोड़ें और शराब सीमित करें (महिलाओं के लिए 1 ड्रिंक, पुरुषों के लिए 2)। तनाव कम करने के लिए ध्यान, योग या टाई ची करें। ये बदलाव न केवल Kidney Damage को रोकते हैं बल्कि हृदय स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाते हैं।
अधिक जानकारी के लिए, डायबिटीज रोकथाम पर हमारे आंतरिक लेख को पढ़ें: डायबिटीज से बचाव के टिप्स। बाहरी स्रोत के रूप में, NKF की वेबसाइट देखें: National Kidney Federation ।
FAQ
1. Kidney Damage क्या है?
यह किडनी की कार्यक्षमता में धीरे-धीरे कमी है, जो अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थों को फिल्टर करने में असमर्थता पैदा करती है।
2. Kidney Damage के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
शुरुआत में कोई लक्षण नहीं, लेकिन बाद में थकान, सूजन और पेशाब में बदलाव हो सकते हैं।
3. Kidney Damage को कैसे रोका जा सकता है?
स्वस्थ आहार, व्यायाम, स्मोकिंग छोड़ना और नियमित जांच से।
4. Kidney Damage का इलाज क्या है?
अंतर्निहित कारणों का नियंत्रण, दवाएं और गंभीर मामलों में डायलिसिस या ट्रांसप्लांट।
5. भारत में Kidney Damage कितना आम है?
प्रति 10 लाख में 800 मामले, मुख्यतः डायबिटीज से।

















