क्रिकेट की दुनिया में india women vs australia women के बीच मुकाबले हमेशा रोमांचक होते हैं, लेकिन 14 सितंबर 2025 को न्यू चंडीगढ़ में खेले गए पहले वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने भारत को करारी शिकस्त दी। फोएबे लिचफील्ड की आक्रामक 88 रनों की पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 282 रनों के लक्ष्य को 44.1 ओवरों में ही 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया, और 8 विकेट से जीत दर्ज की। यह मैच australia women tour of india 2025 का हिस्सा था, जो आईसीसी महिला विश्व कप से पहले दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण तैयारी का हिस्सा है।
भारत की मजबूत शुरुआत: प्रतिका रावल और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए बनाई 114 रनों की साझेदारी

मैच की शुरुआत में भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, mullanpur में खेले गए इस डे-नाइट मैच में भारतीय ओपनरों ने मजबूत शुरुआत दी। प्रतिका रावल और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 114 रनों की साझेदारी की। मंधाना ने 63 गेंदों पर 58 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 2 छक्के शामिल थे, लेकिन वे रन आउट हो गईं। रावल ने 96 गेंदों पर 64 रन बनाए, जिसमें 6 चौके थे, लेकिन अलाना किंग की गेंद पर कैच आउट हो गईं।
भारत की मध्यक्रम की बल्लेबाजी ने बनाई मजबूत पारी, 7 विकेट पर 281 रन बनाए

इसके बाद हरलीन देओल ने 57 गेंदों पर 54 रनों की उपयोगी पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के लगाए। हरमनप्रीत कौर ने 9 गेंदों पर 11 रन बनाए, जबकि जेमिमाह रोड्रिग्स ने 26 गेंदों पर 18 रन जोड़े। रिचा घोष ने 20 गेंदों पर 25 रन बनाकर रन रेट बढ़ाया। दीप्ति शर्मा 16 गेंदों पर 20 रन और राधा यादव 14 गेंदों पर 19 रन बनाकर नाबाद रहीं। भारत ने 50 ओवरों में 7 विकेट पर 281 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मेगन शट ने 2 विकेट लिए, जबकि ताहलिया मैकग्राथ, एनाबेल सदरलैंड, एलीसे पेरी और जॉर्जिया वेयरहैम ने 1-1 विकेट चटकाए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी australia women टीम की शुरुआत शानदार रही। ओपनर एलिसा हीली और फोएबे लिचफील्ड ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। लिचफील्ड ने 80 गेंदों पर 88 रन बनाए, जो मैच की सर्वश्रेष्ठ पारी थी। बेथ मूनी ने नाबाद 77 रन बनाए, जबकि एनाबेल सदरलैंड ने नाबाद 54 रनों की पारी खेली। एलीसे पेरी 30 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गईं। भारत की फील्डिंग निराशाजनक रही, जिसमें 4 कैच छूटे, जिसमें लिचफील्ड को दो बार जीवनदान मिला (0 और 56 पर)। भारतीय गेंदबाजों में सुशमा राणा ने 1 विकेट लिया। ऑस्ट्रेलिया ने 35 गेंदें शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।
ऑस्ट्रेलिया की जीत ने ODI इतिहास में उनके दबदबे को दिखाया, भारत ने आखिरी बार 2007 में जीता था
यह जीत india women vs australia women के बीच ODI इतिहास में ऑस्ट्रेलिया की दबदबे को दर्शाती है। भारत ने घरेलू सरजमीं पर आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया को फरवरी 2007 में हराया था, उसके बाद से 10 मुकाबलों में हार मिली है। मैच में कुल 6 अर्धशतक लगे, जो इन दोनों टीमों के बीच ODI में सबसे ज्यादा है। भारत की कैचिंग एफिशिएंसी 2025 में सिर्फ 59.7% रही, जो 14 टीमों में 12वें स्थान पर है।
हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद कहा, “हम 20-30 रन कम बना सके। गेंदबाजों ने मौके बनाए लेकिन हम उन्हें भुना नहीं सके। अगले मैच में सकारात्मक रहेंगे।” वहीं, प्लेयर ऑफ द मैच लिचफील्ड ने कहा, “शुरुआत में किस्मत का साथ मिला। भारत के खिलाफ बल्लेबाजी मजेदार है।”
सीरीज की तैयारी और अगले मैच की उम्मीद: भारत को फील्डिंग और बैटिंग में सुधार की जरूरत
यह सीरीज ICC महिला ODI विश्व कप 2025 की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है, जो अक्टूबर में भारत में ही खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया अब 1-0 से आगे है। दूसरा ODI 17 सितंबर को और तीसरा 20 सितंबर को इसी मैदान पर खेला जाएगा।
india women vs australia women के इस मुकाबले में भारत को अपनी फील्डिंग और बल्लेबाजी के अंतिम ओवरों में सुधार की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया की टीम संतुलित नजर आई, जहां बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों ने योगदान दिया। प्रशंसक अब अगले मैच में भारत के वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
हमारी website पर अन्य खेलों की खबरें जानने के लिए Tathya Times से जुड़े रहें।
पूर्ण स्कोरकार्ड और विवरण के लिए: ESPNcricinfo पर मैच रिपोर्ट ।
FAQ
1. India Women vs Australia Women सीरीज में कितने मैच हैं?
यह 3 ODI मैचों की सीरीज है, जो 14, 17 और 20 सितंबर 2025 को न्यू चंडीगढ़ में खेले जा रहे हैं।
2. पहले मैच में प्लेयर ऑफ द मैच कौन बनीं?
फोएबे लिचफील्ड को 88 रनों की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
3. India Women vs Australia Women के अगले मैच कब हैं?
दूसरा मैच 17 सितंबर को और तीसरा 20 सितंबर को उसी स्टेडियम में खेला जाएगा।
4. मैच में भारत की हार का मुख्य कारण क्या था?
खराब फील्डिंग, जिसमें 4 कैच छूटे, और बल्लेबाजी में पर्याप्त रन न बना पाना मुख्य कारण रहे।

















